पहली नज़र का एक तरफा प्यार"
यूँ एक पल की मुलाक़ात,
आसपास यूँ धीमी धीमी बरसात।
नजरें झुकीं
गिर के उठीं
नजरें झुकीं
गिर के उठीं
और हमारे कुछ हसीं जज्बात।
सोचा कुछ बात करें
सोचा कुछ बात करें
या उन्हें अपने साथ करें,
पल दो पल को ही सही
उनसे अपने दिल की फरियाद करें।
पर एक डर
पर,
एक डर जो छुप के बैठा है
हमारे अंदर कुछ इसकदर
अब क्या उनसे बात करें
और क्या उनको साथ करें।
कश्म-ए-कश में थी
कश्ती हमारी
कश्म-ए-कश में थी
कश्ती हमारी
डूब गई मझधार में
मोती ले गया कोई और दीवाना
हम रह गए इंतजार में।
कोई मिले जब कभी तुम्हें तो,
मत घबराना तुम यार मेरे,
तभी मिलेगा प्यार तुम्हारा
तभी मिलेगा यार तुम्हें।
तभी मिलेगा यार तुम्हे।
तभी मिलेगा यार तुम्हे।
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